क्लिंकर को आईसीडी वीरगंज (नेपाल) में उतारने को लेकर नेपाल सरकार से चल रही वार्ता को शीघ्र अंतिम रूप दिये जाने की मांग
क्लिंकर को आईसीडी वीरगंज (नेपाल) में उतारने को लेकर नेपाल सरकार से चल रही वार्ता को शीघ्र अंतिम रूप दिये जाने की मांग
डी.एन.कुशवाहा जिला प्रवक्ता पीएसए व पत्रकार प्रेस परिषद् जिलाध्यक्ष पूर्वी चंपारण की रिपोर्ट-
रक्सौल-क्लिंकर को आईसीडी वीरगंज (नेपाल) में उतारने को लेकर नेपाल सरकार से चल रही वार्ता को शीघ्र अंतिम रूप दिये जाने की मांग के साथ प्रो. डा. स्वयंभू शलभ के एक अतिरिक्त परिवाद को आज पीएमओ में रजिस्टर किया गया।
उक्त परिवाद में बताया गया है कि गत 22 दिसंबर 2017 को रेलवे द्वारा रक्सौल में क्लिंकर की उतराई बंद कर दी गई लेकिन इसे सीधे आईसीडी (नेपाल) भेजने के मामले में अभी तक गतिरोध बना हुआ है।इस बीच क्लिंकर को नारायणपुर एवं अन्य स्टेशनों पर उतारकर वहां से ट्रक से नेपाल के लिए ढुलाई की जाती रही।
पिछले दिनों ट्रकों से लाकर इसका भंडारण रक्सौल के निकटवर्ती हरदिया पंचायत में भी किया गया। ट्रकों के जरिये ढुलाई किये जाने से स्थानीय लोगों के सामने प्रदूषण की समस्या और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की समस्या फिर से पैदा होने लगी जबकि रक्सौल में क्लिंकर उतराई बंद कराये जाने के प्रयासों के पीछे उद्देश्य यह था कि नेपाल के सीमेंट उद्योगों के प्रयोग में आनेवाली यह सामग्री सीधे आईसीडी (नेपाल) जाए क्योंकि वहां तक रेल लाइन बाकायदा चालू है।
विदित है कि पीएमओ में 2012 से लेकर अबतक डा. शलभ द्वारा इस समस्या को लेकर अलग अलग 10 मामले दर्ज़ कराये गए हैं।क्लिंकर को रक्सौल से सीधे सिर्सिया ड्राईपोर्ट (नेपाल) भेजे जाने के मामले में पीएमओ में दर्ज परिवाद सं MORLY/E/2017/24952 के आलोक में रेल मंत्रालय (रेल बोर्ड) के निर्देश पर पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के जीएम द्वारा गत 4 जनवरी को बताया गया कि आईसीडी वीरगंज (नेपाल) में क्लिंकर उतारने हेतु नेपाल सरकार से उच्च स्तरीय वार्ता की जा रही है। वार्ता के निर्णय के अनुसार रेल प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही की जायेगी। इस परिवाद में नेपाल में गठित नई सरकार के साथ वार्ता को शीघ्र अंतिम रूप दिये जाने की अपील की गई है।
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| क्लिंकर की तस्वीर |
रक्सौल-क्लिंकर को आईसीडी वीरगंज (नेपाल) में उतारने को लेकर नेपाल सरकार से चल रही वार्ता को शीघ्र अंतिम रूप दिये जाने की मांग के साथ प्रो. डा. स्वयंभू शलभ के एक अतिरिक्त परिवाद को आज पीएमओ में रजिस्टर किया गया।
उक्त परिवाद में बताया गया है कि गत 22 दिसंबर 2017 को रेलवे द्वारा रक्सौल में क्लिंकर की उतराई बंद कर दी गई लेकिन इसे सीधे आईसीडी (नेपाल) भेजने के मामले में अभी तक गतिरोध बना हुआ है।इस बीच क्लिंकर को नारायणपुर एवं अन्य स्टेशनों पर उतारकर वहां से ट्रक से नेपाल के लिए ढुलाई की जाती रही।
पिछले दिनों ट्रकों से लाकर इसका भंडारण रक्सौल के निकटवर्ती हरदिया पंचायत में भी किया गया। ट्रकों के जरिये ढुलाई किये जाने से स्थानीय लोगों के सामने प्रदूषण की समस्या और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की समस्या फिर से पैदा होने लगी जबकि रक्सौल में क्लिंकर उतराई बंद कराये जाने के प्रयासों के पीछे उद्देश्य यह था कि नेपाल के सीमेंट उद्योगों के प्रयोग में आनेवाली यह सामग्री सीधे आईसीडी (नेपाल) जाए क्योंकि वहां तक रेल लाइन बाकायदा चालू है।
विदित है कि पीएमओ में 2012 से लेकर अबतक डा. शलभ द्वारा इस समस्या को लेकर अलग अलग 10 मामले दर्ज़ कराये गए हैं।क्लिंकर को रक्सौल से सीधे सिर्सिया ड्राईपोर्ट (नेपाल) भेजे जाने के मामले में पीएमओ में दर्ज परिवाद सं MORLY/E/2017/24952 के आलोक में रेल मंत्रालय (रेल बोर्ड) के निर्देश पर पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के जीएम द्वारा गत 4 जनवरी को बताया गया कि आईसीडी वीरगंज (नेपाल) में क्लिंकर उतारने हेतु नेपाल सरकार से उच्च स्तरीय वार्ता की जा रही है। वार्ता के निर्णय के अनुसार रेल प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही की जायेगी। इस परिवाद में नेपाल में गठित नई सरकार के साथ वार्ता को शीघ्र अंतिम रूप दिये जाने की अपील की गई है।

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