मौत के मुंह से निकला मोटरसाइकिल चालक,ट्रक पलटने की अंदेशा मिलते कूदकर भागा चालक
मौत के मुंह से निकला मोटरसाइकिल चालक,ट्रक पलटने की अंदेशा मिलते कूदकर भागा चालक
चम्पारण टुडे से डी एन कुशवाहा
रामगढ़वा-थाना क्षेत्र के मुरला गांव में एक मोटरसाइकिल चालक रविवार को मौत के मुंह से निकल भागा। मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त ट्रक पटना से धान लेकर नेपाल की तरफ जा रही थी कि खराब व जर्जर तथा गड्ढेनुमा एनएच 28 A की वजह से मुरला गांव के पास पलट गई। जिसमें झखरा गांव निवासी और मुरला गांव निवासी महमुद मियाँ के दामाद तथा मोटरसाइकिल चालक परवेज आलम बाल- बाल बच गया। ये तो गनीमत था कि ट्रक पलटने की अंदेशा मिलते बाइक चालक बाइक छोड़कर भाग गया, वरना मरने से उसको कोई नहीं बचाता। इतनी दुर्घटना होने के बाद भी सरकार व सड़क निर्माण कंपनी की आँखों की पट्टी नहीं खुल रही है। न जाने कितनी दुर्घटनाओं के बाद सरकार की आँख की पट्टी खुलेगी।
गौरतलब हो कि प्रखंड क्षेत्र के बेला ,मुरला से लेकर रक्सौल तक एनएच 28 ए (527 D) की स्थिति इतनी दयनीय है कि इस सड़क पर यात्रा करने वाले दुपहिया वाहन से लेकर अन्य सभी बड़ी वाहन के चालकों के कलेजे पर ही हमेशा साथ रहता है।वे इस सड़क के माध्यम से अपने मुकाम तक पहुँच पाएँगे या नहीं इसका निश्चित नहीं रहता है। इतना ही नहीं गड्ढे में तब्दील इस सड़क की स्थिति ऐसी जर्जर हो गई है कि इस पर यात्रा करने के पहले कई बार यात्री व वाहन चालकों को सोचना व ईश्वर से प्रार्थना करना पड़ता है। उक्त गड्ढे का ही नतीजा है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं । गौरतलब हो कि उक्त सड़क को सरकार के द्वारा 3 साल में बनाने की जिम्मेवारी तातिया कंपनी को दि गई थी । लेकिन 7 साल बीत जाने के बाद तक भी अभी तक तातिया कंपनी ने उक्त सड़क का पिपरा कोठी से रक्सौल तक पूर्ण रुप से निर्माण नहीं करा सकी। जिसका खामियाजा इस क्षेत्र की जनता के साथ- साथ बाहरी यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है । सड़क पर बने गड्ढे का ही नतीजा है कि अभी तक दर्जनों बाइक,चार पहिया व 10 पहिया तथा अन्य वाहन पलट चुके है। और अनेकों लोगों की मौत भी सड़क दुर्घटना में हो चुकी है । इसके अलावा सड़क पर इतने धूल उड़ रहे हैं कि दिन में ही अंधेरा छा जाता है और रास्ता दिखाई नहीं देता है ।जिसकी वजह से आय दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उक्त समस्या का निदान कराने हेतु दर्जनों बार रामगढ़वा रक्सौल के आम लोगों के द्वारा सड़क जाम किया गया और प्रशासन के द्वारा समस्या का यथा शीघ्र निदान कराने का आश्वासन देकर जाम को छुड़ाया गया फिर भी समस्या का निदान नहीं हुआ आज भी सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पीपराकोठी से रक्सौल सड़क निर्माण के गतिरोध के संदर्भ में पीएमओ और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में दर्ज करायी गई सार्वजनिक शिकायत के आलोक में उक्त सड़क के 10-11 किमी खराब खंड की मरम्मती हेतु अलग से निविदा आमंत्रित की गई है ।जिसके खुलने की तिथि 23 नवंबर 2017 है।
उक्त निविदा के तहत दिसंबर 2017 में कार्य शुरू होने एवं मरम्मती का कार्य अगला मानसून शुरू होने से पहले समाप्त होने की उम्मीद जताई गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक आर. के. श्रीवास्तव ने शिक्षाविद् डा. स्वयंभू शलभ को भेजे अपने जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया है कि तांतिया निर्माण कंपनी द्वारा बचे हुए परियोजना के दोहरीकरण पथ निर्माण को पूर्ण करने के लिए स्रोत आधारित परियोजना के आधार पर चतुर्थ समयावधि विस्तार के लिए 30 जून 2018 तक के लिए आवेदन विचाराधीन है।
समय से उक्त कार्य पूर्ण नहीं होने व विभिन्न कारणों के स्पष्टीकरण के साथ इस राजमार्ग का अद्यतन स्टेट्स रिपोर्ट पेश करते हुए एनएचएआई ने माना है कि नेपाल जानेवाली मालवाहक गाड़ियों के नेपाल में धीमी प्रवेश होने के कारण भारत नेपाल सीमा रक्सौल से पीछे तक छोटी बड़ी गाड़ियों का पड़ाव सड़क के बायीं तरफ लगा रहता है जिससे परिवहन परिचालन में कठिनाई होती है।
सड़क की संपूर्ण लंबाई में भूमि की उपलब्धता होने के बावजूद कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं होने के कारण रियायतग्राही को 60 दिनों के अंदर चूक सुधार हेतु क्योर पीरियड नोटिश जारी किया गया है।
डा. शलभ द्वारा पीएमओ, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एवं मुख्यमंत्री को यहां के लोगों की पीड़ा और इस निर्माण कार्य की जमीनी सच्चाई से अवगत कराने और एनएचएआई द्वारा अपना पक्ष स्पष्ट कर देने के बाद उम्मीद है कि सरकार शीघ्र उचित कदम उठाएगी और इस निर्माण कार्य का गतिरोध दूर होगा।
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| पलटी हुई ट्रक के नीचे दबी हुई बाइक |
रामगढ़वा-थाना क्षेत्र के मुरला गांव में एक मोटरसाइकिल चालक रविवार को मौत के मुंह से निकल भागा। मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त ट्रक पटना से धान लेकर नेपाल की तरफ जा रही थी कि खराब व जर्जर तथा गड्ढेनुमा एनएच 28 A की वजह से मुरला गांव के पास पलट गई। जिसमें झखरा गांव निवासी और मुरला गांव निवासी महमुद मियाँ के दामाद तथा मोटरसाइकिल चालक परवेज आलम बाल- बाल बच गया। ये तो गनीमत था कि ट्रक पलटने की अंदेशा मिलते बाइक चालक बाइक छोड़कर भाग गया, वरना मरने से उसको कोई नहीं बचाता। इतनी दुर्घटना होने के बाद भी सरकार व सड़क निर्माण कंपनी की आँखों की पट्टी नहीं खुल रही है। न जाने कितनी दुर्घटनाओं के बाद सरकार की आँख की पट्टी खुलेगी।
गौरतलब हो कि प्रखंड क्षेत्र के बेला ,मुरला से लेकर रक्सौल तक एनएच 28 ए (527 D) की स्थिति इतनी दयनीय है कि इस सड़क पर यात्रा करने वाले दुपहिया वाहन से लेकर अन्य सभी बड़ी वाहन के चालकों के कलेजे पर ही हमेशा साथ रहता है।वे इस सड़क के माध्यम से अपने मुकाम तक पहुँच पाएँगे या नहीं इसका निश्चित नहीं रहता है। इतना ही नहीं गड्ढे में तब्दील इस सड़क की स्थिति ऐसी जर्जर हो गई है कि इस पर यात्रा करने के पहले कई बार यात्री व वाहन चालकों को सोचना व ईश्वर से प्रार्थना करना पड़ता है। उक्त गड्ढे का ही नतीजा है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं । गौरतलब हो कि उक्त सड़क को सरकार के द्वारा 3 साल में बनाने की जिम्मेवारी तातिया कंपनी को दि गई थी । लेकिन 7 साल बीत जाने के बाद तक भी अभी तक तातिया कंपनी ने उक्त सड़क का पिपरा कोठी से रक्सौल तक पूर्ण रुप से निर्माण नहीं करा सकी। जिसका खामियाजा इस क्षेत्र की जनता के साथ- साथ बाहरी यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है । सड़क पर बने गड्ढे का ही नतीजा है कि अभी तक दर्जनों बाइक,चार पहिया व 10 पहिया तथा अन्य वाहन पलट चुके है। और अनेकों लोगों की मौत भी सड़क दुर्घटना में हो चुकी है । इसके अलावा सड़क पर इतने धूल उड़ रहे हैं कि दिन में ही अंधेरा छा जाता है और रास्ता दिखाई नहीं देता है ।जिसकी वजह से आय दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उक्त समस्या का निदान कराने हेतु दर्जनों बार रामगढ़वा रक्सौल के आम लोगों के द्वारा सड़क जाम किया गया और प्रशासन के द्वारा समस्या का यथा शीघ्र निदान कराने का आश्वासन देकर जाम को छुड़ाया गया फिर भी समस्या का निदान नहीं हुआ आज भी सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पीपराकोठी से रक्सौल सड़क निर्माण के गतिरोध के संदर्भ में पीएमओ और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में दर्ज करायी गई सार्वजनिक शिकायत के आलोक में उक्त सड़क के 10-11 किमी खराब खंड की मरम्मती हेतु अलग से निविदा आमंत्रित की गई है ।जिसके खुलने की तिथि 23 नवंबर 2017 है।
उक्त निविदा के तहत दिसंबर 2017 में कार्य शुरू होने एवं मरम्मती का कार्य अगला मानसून शुरू होने से पहले समाप्त होने की उम्मीद जताई गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक आर. के. श्रीवास्तव ने शिक्षाविद् डा. स्वयंभू शलभ को भेजे अपने जवाब में यह जानकारी देते हुए बताया है कि तांतिया निर्माण कंपनी द्वारा बचे हुए परियोजना के दोहरीकरण पथ निर्माण को पूर्ण करने के लिए स्रोत आधारित परियोजना के आधार पर चतुर्थ समयावधि विस्तार के लिए 30 जून 2018 तक के लिए आवेदन विचाराधीन है।
समय से उक्त कार्य पूर्ण नहीं होने व विभिन्न कारणों के स्पष्टीकरण के साथ इस राजमार्ग का अद्यतन स्टेट्स रिपोर्ट पेश करते हुए एनएचएआई ने माना है कि नेपाल जानेवाली मालवाहक गाड़ियों के नेपाल में धीमी प्रवेश होने के कारण भारत नेपाल सीमा रक्सौल से पीछे तक छोटी बड़ी गाड़ियों का पड़ाव सड़क के बायीं तरफ लगा रहता है जिससे परिवहन परिचालन में कठिनाई होती है।
सड़क की संपूर्ण लंबाई में भूमि की उपलब्धता होने के बावजूद कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं होने के कारण रियायतग्राही को 60 दिनों के अंदर चूक सुधार हेतु क्योर पीरियड नोटिश जारी किया गया है।
डा. शलभ द्वारा पीएमओ, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एवं मुख्यमंत्री को यहां के लोगों की पीड़ा और इस निर्माण कार्य की जमीनी सच्चाई से अवगत कराने और एनएचएआई द्वारा अपना पक्ष स्पष्ट कर देने के बाद उम्मीद है कि सरकार शीघ्र उचित कदम उठाएगी और इस निर्माण कार्य का गतिरोध दूर होगा।

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