पटना में प्रदर्शन कर रही प्रदेश की हजारों आगनबाड़ी सेविकाओ व सहायिकाओ पर सुरक्षाकर्मियों ने बरसाई लाठियां
प्रदर्शन कर रही प्रदेश की हजारों आगनबाड़ी सेविकाओ व सहायिकाओ पर पटना में सुरक्षाकर्मियों ने बरसाई लाठियां
दो दर्जन से अधिक सेविका व सहायिका चोटिल
अपनी मांगों को लेकर प्रदेश की हजारों आगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं ने पटना में दिया धरना
चम्पारण टुडे पटना
पटना :- अपनी मांगों को लेकर प्रदेश की हजारों आगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं अपने सुनियोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गर्दनीबाग धरनास्थल से विधानसभा गेट नंबर-2 पर पहुंच गई.अपनी मागों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रखने पर अड़ गई. यहां पहले से तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आगनबाड़ी सेविकाओं पर जमकर लाठिया बरसाई. इसमें दो दर्जन से ज्यादा सेविकाओं को चोटें आई.लाठियों से बचने के लिए आगनबाड़ी सेविकाएं धरनास्थल पर वापस लौट गई.दोपहर एक बजे दोबारा हजारों की संख्या में सेविकाएं विधानसभा घेराव के लिए निकलीं.इन्हें धरनास्थल पर ही रोक दिया गया. इस दौरान सेविकाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की के साथ ही तीखी नोकझोंक हुई.बिहार आगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी गीता ने कहा कि 1 अप्रैल 2017 को नीतीश सरकार ने धरने के दौरान यह आश्वासन दिया था कि दो महीने में सेविकाओं की मागें पूरी कर ली जाएंगी. सेविकाओं की तीन सूत्री मागों में सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान में वृद्धि व सेवानिवृत्ति के बाद चार लाख मिलना शामिल थीं.
जोरदार प्रदर्शन को देखते हुए सेविकाओं की पाच सदस्यीय टीम को मुख्यमंत्री के आप्त सचिव से मिलवाया गया.आप्त सचिव ने सेविकाओं को आश्वासन दिया कि उनकी मागें मुख्यमंत्री के समक्ष बहुत जल्द रखी जाएंगी. जायज मागों की पूर्ति होगी. इसके बाद प्रदर्शन कर रहीं सेविकाएं धरना-प्रदर्शन खत्म कर अपने घर लौट गई. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मागें पूरी नहीं की गई तो आगामी फरवरी में विधानसभा सत्र के दौरान पूरे राज्य में वे काम ठप कर देंगी. सत्र के दौरान अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन के दौरान सरकार के हर कार्य को ठप कर दिया जाएगा.
दो दर्जन से अधिक सेविका व सहायिका चोटिल
अपनी मांगों को लेकर प्रदेश की हजारों आगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं ने पटना में दिया धरना
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| प्रदर्शन कर रही सेविकाओं पर लाठियां बरसाती महिला सुरक्षाकर्मी |
पटना :- अपनी मांगों को लेकर प्रदेश की हजारों आगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं अपने सुनियोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गर्दनीबाग धरनास्थल से विधानसभा गेट नंबर-2 पर पहुंच गई.अपनी मागों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रखने पर अड़ गई. यहां पहले से तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आगनबाड़ी सेविकाओं पर जमकर लाठिया बरसाई. इसमें दो दर्जन से ज्यादा सेविकाओं को चोटें आई.लाठियों से बचने के लिए आगनबाड़ी सेविकाएं धरनास्थल पर वापस लौट गई.दोपहर एक बजे दोबारा हजारों की संख्या में सेविकाएं विधानसभा घेराव के लिए निकलीं.इन्हें धरनास्थल पर ही रोक दिया गया. इस दौरान सेविकाओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की के साथ ही तीखी नोकझोंक हुई.बिहार आगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी गीता ने कहा कि 1 अप्रैल 2017 को नीतीश सरकार ने धरने के दौरान यह आश्वासन दिया था कि दो महीने में सेविकाओं की मागें पूरी कर ली जाएंगी. सेविकाओं की तीन सूत्री मागों में सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान में वृद्धि व सेवानिवृत्ति के बाद चार लाख मिलना शामिल थीं.
जोरदार प्रदर्शन को देखते हुए सेविकाओं की पाच सदस्यीय टीम को मुख्यमंत्री के आप्त सचिव से मिलवाया गया.आप्त सचिव ने सेविकाओं को आश्वासन दिया कि उनकी मागें मुख्यमंत्री के समक्ष बहुत जल्द रखी जाएंगी. जायज मागों की पूर्ति होगी. इसके बाद प्रदर्शन कर रहीं सेविकाएं धरना-प्रदर्शन खत्म कर अपने घर लौट गई. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मागें पूरी नहीं की गई तो आगामी फरवरी में विधानसभा सत्र के दौरान पूरे राज्य में वे काम ठप कर देंगी. सत्र के दौरान अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन के दौरान सरकार के हर कार्य को ठप कर दिया जाएगा.

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