रामगढ़वा प्लेटफार्म पर रिजर्वेशन काउंटर नहीं होने से यात्री परेशान
स्थानीय सांसद ने विगत 7 वर्ष पूर्व रामगढ़वा में रिजर्वेशन काउंटर बनवाने का दिया था आश्वासन
रामगढ़वा से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-प्रखंड क्षेत्र के रक्सौल-सुगौली रेल खंड के रामगढ़वा प्लेटफार्म पर रिजर्वेशन काउंटर नहीं होने से आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंग्रेजी मॉडल के इस प्लेटफार्म पर यात्रियों की सुविधा भी नदारत है। जबकि रक्सौल से पटना ,कोलकाता तथा दिल्ली सहित देश के कोने-कोने तक जाने वाले 900 से 1000 तक यात्री प्रतिदिन इस प्लेटफार्म से सफर करते हैं और 55 से 60 हजार तक का राजस्व प्रतिदिन सरकार के पास जाता है। लेकिन इतने यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने के लिए इस प्लेटफार्म पर न तो बुकिंग क्लर्क हैं, नहीं रिजर्वेशन काउंटर । लंबी दूरी की गाड़ियों को पकड़ने के लिए यहाँ के यात्रियों को रक्सौल या सुगौली जाकर रिजर्वेशन कराना पड़ता है। जबकि स्थानीय सांसद संजय जयसवाल ने विगत 7 वर्ष पूर्व एक पत्रकार वार्ता के दौरान कही थी कि रामगढ़वा में भी बनेगा रिजर्वेशन काउंटर
। लेकिन आज तक यहाँ के लोगों को रिजर्वेशन काउंटर नसीब नहीं हुआ । रिजर्वेशन काउंटर बनने का इंतजार करते-करते रामगढ़वा वासियों की आंखें पथरा गई है लेकिन नहीं बना रिजर्वेशन काउंटर। रिजर्वेशन काउंटर व बुकिंग क्लर्क नहीं होने की वजह से कितने यात्रियों को बिना टिकट का ही सफर करना पड़ता है ।जिसकी वजह से सरकार को राजस्व की क्षति होती है ।
इस बाबत स्थानीय स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार दास ने बताया कि बुकिंग क्लर्क नहीं होने की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । बुकिंग के समय में ही स्टेशन अधीक्षक को गाड़ी का परिचालन भी कराना पड़ता है और उतनी ही समय में स्वयं टिकट भी काटना पड़ता है ।जिसकी वजह से इंटरसिटी, सत्याग्रह तथा मिथिला आदि ट्रेनों के समय काफी भीड़ होती है और सभी यात्रियों को ट्रेन खुलने के पहले टिकट नहीं मिल पाता है।
रामगढ़वा से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-प्रखंड क्षेत्र के रक्सौल-सुगौली रेल खंड के रामगढ़वा प्लेटफार्म पर रिजर्वेशन काउंटर नहीं होने से आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंग्रेजी मॉडल के इस प्लेटफार्म पर यात्रियों की सुविधा भी नदारत है। जबकि रक्सौल से पटना ,कोलकाता तथा दिल्ली सहित देश के कोने-कोने तक जाने वाले 900 से 1000 तक यात्री प्रतिदिन इस प्लेटफार्म से सफर करते हैं और 55 से 60 हजार तक का राजस्व प्रतिदिन सरकार के पास जाता है। लेकिन इतने यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने के लिए इस प्लेटफार्म पर न तो बुकिंग क्लर्क हैं, नहीं रिजर्वेशन काउंटर । लंबी दूरी की गाड़ियों को पकड़ने के लिए यहाँ के यात्रियों को रक्सौल या सुगौली जाकर रिजर्वेशन कराना पड़ता है। जबकि स्थानीय सांसद संजय जयसवाल ने विगत 7 वर्ष पूर्व एक पत्रकार वार्ता के दौरान कही थी कि रामगढ़वा में भी बनेगा रिजर्वेशन काउंटर
। लेकिन आज तक यहाँ के लोगों को रिजर्वेशन काउंटर नसीब नहीं हुआ । रिजर्वेशन काउंटर बनने का इंतजार करते-करते रामगढ़वा वासियों की आंखें पथरा गई है लेकिन नहीं बना रिजर्वेशन काउंटर। रिजर्वेशन काउंटर व बुकिंग क्लर्क नहीं होने की वजह से कितने यात्रियों को बिना टिकट का ही सफर करना पड़ता है ।जिसकी वजह से सरकार को राजस्व की क्षति होती है ।
इस बाबत स्थानीय स्टेशन अधीक्षक राजेश कुमार दास ने बताया कि बुकिंग क्लर्क नहीं होने की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । बुकिंग के समय में ही स्टेशन अधीक्षक को गाड़ी का परिचालन भी कराना पड़ता है और उतनी ही समय में स्वयं टिकट भी काटना पड़ता है ।जिसकी वजह से इंटरसिटी, सत्याग्रह तथा मिथिला आदि ट्रेनों के समय काफी भीड़ होती है और सभी यात्रियों को ट्रेन खुलने के पहले टिकट नहीं मिल पाता है।

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