रामगढ़वा:धूमधाम से की गई लेखनी के देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा
धूमधाम से की गई लेखनी के देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा
चंपारण टुडे से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा-यमराज के यमलोक में न्यायालय के लेखक, वर्मा जी की काया से उत्पन्न व लेखनी के देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा प्रखंड क्षेत्र के सभी कायस्थ परिवारों में शनिवार को हर्षोल्लास एवं धूमधाम से की गई । इस बाबत प्रखंड क्षेत्र के भलुवहिंया गांव निवासी व शिक्षक निमेश श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त यमराज के यमलोक में न्यायालय के लेखक माने जाते हैं। एक बार की बात है जब वर्मा जी ध्यानस्थ थे, तब उनके अंग से अनेक वर्णों में चित्रित लेखनी और मसि पात्र लिए एक पुरुष उत्पन्न हुए थे ,उन्हीं का नाम चित्रगुप्त था ।वर्मा की काया से उत्पन्न होने के कारण उन्हें कायस्थ भी कहा जाता है।वे यमलोक में जाकर मनुष्यों के पाप और पुण्य का लेखा जोखा तैयार करते थे ।उसी समय से वे यमलोक में पाप और पुन्य की गणना करते आ रहे हैं।साथ ही उन्होंने कहा कि कार्तिक मास की शुक्ल द्वितीया को इनकी पूजा होती है ,इसलिए इसे यमद्वितीया भी कहा जाता है। इस अवसर पर पूजा करने वाले लोगों में कोचिंग संचालक राजन श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, कामेश्वर श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव तथा कृष्णा श्रीवास्तव सहित अन्य समस्त श्रीवास्तव परिवार के लोग शामिल हैं।
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| चित्रगुप्त भगवान की तस्वीर |
रामगढ़वा-यमराज के यमलोक में न्यायालय के लेखक, वर्मा जी की काया से उत्पन्न व लेखनी के देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा प्रखंड क्षेत्र के सभी कायस्थ परिवारों में शनिवार को हर्षोल्लास एवं धूमधाम से की गई । इस बाबत प्रखंड क्षेत्र के भलुवहिंया गांव निवासी व शिक्षक निमेश श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त यमराज के यमलोक में न्यायालय के लेखक माने जाते हैं। एक बार की बात है जब वर्मा जी ध्यानस्थ थे, तब उनके अंग से अनेक वर्णों में चित्रित लेखनी और मसि पात्र लिए एक पुरुष उत्पन्न हुए थे ,उन्हीं का नाम चित्रगुप्त था ।वर्मा की काया से उत्पन्न होने के कारण उन्हें कायस्थ भी कहा जाता है।वे यमलोक में जाकर मनुष्यों के पाप और पुण्य का लेखा जोखा तैयार करते थे ।उसी समय से वे यमलोक में पाप और पुन्य की गणना करते आ रहे हैं।साथ ही उन्होंने कहा कि कार्तिक मास की शुक्ल द्वितीया को इनकी पूजा होती है ,इसलिए इसे यमद्वितीया भी कहा जाता है। इस अवसर पर पूजा करने वाले लोगों में कोचिंग संचालक राजन श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, कामेश्वर श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव तथा कृष्णा श्रीवास्तव सहित अन्य समस्त श्रीवास्तव परिवार के लोग शामिल हैं।

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