शिवहर- दूसरे आेडीएफ पंचायत में घोटाले की आ रही है गंध / पुलिस प्रशासन के लिए बना है बड़ी चुनौती
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| शौचालय की तस्वीर |
चम्पारण टुडे शिवहर से मनीष नन्दन सिंह / अजय मिलन
शिवहर- भागलपुर में सृजन घोटाले के बाद अब शिवहर जिला के अभिराजपुर बैरिया पंचायत में आेडीएफ के बाद शौचालय घोटाले में करोड़ो रुपये की राशि के गवन के मामला सामने आया है! जबकि राशि गवन के मामले में वरीय से लेकर कनीय अधिकारी आैर पंचायत के कई जनप्रतिनिधि का नाम खुलासा करते हुए प्राथमिकि भी दर्ज किया गया है जो शिवहर के पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है! हालांकि अब जिले के दूसरा आेडीएफ पंचायत परसौनी बैज को खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुका है! वहीं पंचायत के लोगों की माने तो इस पंचायत में भी शौचालय घोटाले की गंध आ रही है आैर आेडीएफ घोषित होने के बावजूद लोग आज भी खुले में शौच करते है! इस दौरान (( पत्रकार अजय मिलन आैर मनीष नन्दन सिंह )) ने जब परसौनी बैज पंचायत के लोगों से रुबरु हुआ तो यहा हकिकत आैर दावे में बहुत फर्क दिखता है,
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| शौचालय की तस्वीर |
कहने को तो यह पंचायत आेडीएफ घोषित कर दिया गया है! परंतु यहॉ 40 फीसदी से अधिक लोग खुले में शौच करने को आदत ही बना ली है! इस पंचायत की जनसंख्या वर्ष 2011 के जनगणना के आधार पर 11,662 है! जिनमें कई लोगों के पास जमीन नहीं है, तो कई लोग शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं! जबकि कई शौचालय निर्माण होते ही जर्जर अवस्था में आ गयी है आैर कई शौचालय पर तो घास- फूस जमें है! हालांकि इस तरह तो गॉधी जी का सपना- स्वच्छ भारत हो अपना साकार होता तो नहीं दिख रहा है! परंतु सरकारी योजनाओं में शौचालय निर्माण की बात जोर-शोर से की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है! जबकि इस मामले में कई एनजीआे का भी गर्दन फस सकता है! परसौनी बैज पंचायत में आेडीएफ के लिए शौचालय निर्माण का लक्ष्य 2256 के विरुद्ध 2251 जिले के कई नामी गिरामी एनजीआे के द्वारा शौचालय निर्माण कर 24 फरवरी 2016 को आेडीएफ घोषित कर दिया गया!
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 26 फरवरी 2016 के चुनाव के दौरान मेसौढा आैर धनकौल पंचायत को भी खुले में शौच मुक्त आेडीएफ पंचायत घोषित कर दिया गया है! हालांकि परसौनी बैज पंचायत के लोगों ने यह भी बताया कि शौचालय निर्माण में घटिया काम किया है! तीन दिनों के बाद ही दिवाल का पलस्तर झड़ने लगा आैर सीट का जमीनी पलस्तर उखर गया! वार्ड 1 के बिकाऊ राय ने बताया कि शौचालय में कमजोर मेटेरियल लगाया जो शौचालय का सीट व गेट बनने के साथ ही टूट गया! जिसके कारण उनके घर के बहु- बेटी खेतो में शौच के लिए जाते है! वहीं सुधीर पाण्डेय के घर दो शौचालय का स्थिति जर्जर है! दोनों शौचालय का गेट टूटा आैर सीट फूटा दिख रहा है! आैर तो आैर उस पर घास-
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| झाड़ियों के बीच शौचालय की तस्वीर |
फूस जमें है! वहीं वार्ड 7 में सुखारी राम के दो शौचालय निर्माण होने के साथ ही बंद परा है! शौचालय के गेट से लेकर छत पर घास-फूस ही जमें नजर आ रहा है साथ ही वीरेन्द्र राम का शौचालय खराब परा है! एेसे में जिला प्रशासन खुले में शौच मुक्त करने का लाख दावा कर मुहर लगा लें, किंतु आेडीएफ घोषित वाले पंचायत में अाधे से अधिक लोग अाज भी खुले में शौच जाने की आदत सी बना ली है!
जब गॉधी जी का सपना, स्वच्छ भारत हो अपना साकार ही नहीं हुआ तो किस हालात में चार पंचायत को आेडीएफ यानी खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया!
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