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चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में आपराधिक घटनाओं से कलंकित हो रहा है गाँधी का चंपारण*

*चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष में आपराधिक घटनाओं से कलंकित हो रहा है गाँधी का चंपारण*
चम्पारण टुडे रामगढ़वा से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट
मोतिहारी(पुर्वी चम्पारण) :- भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वतंत्रता आंदोलन के समय महात्मा गाँधी की कर्मभूमि व अहिंसा की प्रयोगस्थली के रूप में विश्वविख्यात चंपारण आज अपनी बेबसी पर दिन रात आँसू बहा रहा है । उपेक्षाओं का दंश झेलते गाँधी को सत्य से साक्षात्कार कराने वाला चंपारण आज विकास की निचली सीढ़ी पर खड़ा पुनः किसी महात्मा गाँधी की तलाश में है।जो बढ़ रहे अपराध की घटना, अपहरण, बलात्कार ,चोरी, डकैती ,रंगदारी, नशाखुरानी ,हत्या ,जाली नोटों की कालाबाजारी तथा नशीले पदार्थों व पशु तस्करी को रोककर आम जनता के जीवन में बेहतरी, अमन-चैन ,शांति, सुख एवं संतुष्टि प्रदान कर सके। भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित चंपारण बिहार का जिला ही नहीं बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दिनों में देश वासियों की प्रेरणा स्थली के रुप में भी विख्यात रहा है। परंतु इसी चंपारण प्रक्षेत्र के तीन पुलिस जिलों यथा बेतिया , बगहा मोतिहारी के अधीन थानों में सुशासन में भी बदस्तूर उपरोक्त घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है । साथ ही अपराध को व्यवसायिक शिक्षा के दृष्टिकोण से अपनाया जा रहा है। कहना गलत नहीं होगा कि आज यहां अपराध रोजगार का पर्याय बन चुका है । नित्य नये-नये अपराधिक फार्मूले ईजाद किये जा रहे हैं,मानो अपराध कर्मी यहां अपराध विषयक शोध कार्य कर रहे हैं । ऐसे-ऐसे अपराध के सफल प्रयोग हो रहे हैं कि पुलिस प्रशासन को दांतों तले अंगुलियां दबानी पड़ती है । इन दिनों हर पल किसी विध्वंसक कार्रवाई की आहट सुनाई पड़ती रहती है। भय, आतंक एवं दहशत का यहां की हर सांस पर अपराधियों का कब्जा होता जा रहा है । जिसे रोकने में जिला प्रशासन पुलिस अक्षम साबित हो रही है । अगर दोनों जिले के विगत कुछ महीनो के अपराधिक आंकड़ों पर गौर करें तो पुलिस कि काफिला और अपराधियों की सफलता के कारनामे स्पष्ट हो जाती है आंकड़े बताते हैं कि 20 जुलाई को  बेतिया कोर्ट परिसर में बब्लू दुबे की हत्या,रक्सौल केम्ब्रिज स्कूल परिसर में अपराधियों द्वारा एके 47 से फायरिंग कर 3 कर्मियों को जख्मी किया, 20 जुलाई को ही रघुनाथपुर ओपी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 में दहेज के लिए नव- विवाहिता की हत्या, 20 जुलाई को ही मोतिहारी मुफस्सिल थाना क्षेत्र नंदपुर गांव निवासी शिक्षक हरिशंकर तिवारी से रंगदारी नहीं देने पर रास्ते में घेरकर 6 हजार रुपये व सोने का चैन छीन लिया गया ,26 जुलाई को केसरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग युवती का अपहरण कर दुष्कर्म किया गया, 26 जुलाई को ही पकडीदयाल में अपराधियों ने साइकिल सवार अखिलेश तिवारी को गोली मारकर घायल कर दिया, 26 जुलाई को ही चिरैया थाना क्षेत्र के रामपुर भेड़िहारी गांव में एक कलयुगी पुत्र ने अपने ही पिता से रंगदारी की मांग की, 27 जुलाई को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मंगलपुर गांव में कलयुगी ससुर द्वारा 20 वर्षीय अपनी पतोहू के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई, 27 जुलाई को ही मां बेटे के द्वारा मोतिहारी गांधीनगर रमना मोहल्ला में रंजू देवी को चाकू घोंपकर जख्मी किया गया, 27 जुलाई को ही कुंडवाचैनपुर थाना क्षेत्र के कोरैया गांव में दहेज के लिए नवविवाहिता 22 वर्षीय रीता देवी की हत्या, 27 अगस्त को मोतिहारी छतौनी थाना अंतर्गत बड़ा बरियारपुर में 47 वर्षीय अखिलेश सहनी की अपराधियों ने हत्या कर शव को तलाब में फेंका, 12 सितंबर को मोतिहारी के कोचिंग संचालक धर्मेंद्र कुमार मिश्र से 4 लाख रुपए रंगदारी की मांग की गई, 13 सितंबर को मोतिहारी हिंद्री बाजार के स्वर्ण व्यवसायी बलराम प्रसाद, रेडीमेट व्यवसायी मोनू सिंह व एलआईसी एजेंट श्याम प्रकाश से अपराधियों ने 30 -30 लाख रुपये रंगदारी की मांग की, 13 सितंबर को हरसिद्धि थाना क्षेत्र के गायघाट देवी मंदिर के पास अपराधियों ने उज्जैन लोहिया के स्व. भुट्टा चौधरी की 50 वर्षीय विध्वा की हत्या कर शव को फेंका, 13 सितंबर को घोड़ासहन थाना क्षेत्र के गुर्मियां पछियारी टोला गांव निवासी छट्ठू साह ने अपनी बहू बबीता देवी की हत्या कर शव को जमीन में गाड़ी दी।इसके अलावा मोतिहारी में रंगदारी नहीं देने की वजह से करीब एक दर्जन से अधिक व्यवसाइयों की हत्या विगत 4-5 माह के अंदर कर दी गई। नेपाल का सीमाई जिला होने के कारण चंपारण में बेखौफ अपराधी  घटना को अंजाम देने के बाद नेपाल की सीमा में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। और यहां की पुलिस हाथ मलते रह जाती है। हालाँकि बिहार में एनडीए की नई सरकार बनने व नए एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा के आने के बाद अपराध के ग्राफ में कुछ कमी आई है और बहुत सारे नामी गिरामी अपराधी पुलिस के गिरफ्त में आ चुके हैं। फिर भी नए एसपी के सामने दहशत दहशत में जी रहे चंपारण वासियों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

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