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रेलवे के फ्रेट टर्मिनल निर्माण के साथ बढ़ रही है बगल के ग्रामीणों की चिंता,जबकि वयवसयीयो में है हर्ष

*रेलवे के फ्रेट टर्मिनल निर्माण के साथ बढ़ रही है बगल के ग्रामीणों की चिंता,जबकि वयवसयीयो में है हर्ष*
बन रहे रेलवे ट्रैक की तस्वीर
चम्पारण टुडे से डी.एन.कुशवाहा की रिपोर्ट-
रामगढ़वा में रेलवे के नए फ्रेट टर्मिनल के शिलान्यास तथा निर्माण के साथ-साथ अगल-बगल के ग्रामीणों की चिंताएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोगों को चिंता करना भी लाजमी है, क्योंकि रक्सौल फ्रेट टर्मिनल पर वर्षों से सीमेंट, खाद तथा कोयला आदि उतरते आ रहा है जिससे लोगों को उतनी परेशानी नहीं है, जितनी परेशानी क्लिंकर के उतरने से है । उक्त क्लिंकर के अनलोडिंग को रोकने व नेपाल भेजने को लेकर रक्सौल वासियों के द्वारा कितने वर्षों से आंदोलन किया जा रहा है । लेकिन क्लिंकर  का रक्सौल में उतरना  बंद नहीं हुआ।जिसका खामियाजा रक्सौल वासियों को भुगतना पड़ रहा है ,और आए दिन वहां के लोग बीमार पड़ रहे हैं। ऐसी ही स्थिति कहीं रामगढ़वा में उत्पन्न न हो जाए। इसको लेकर रामगढ़वा स्टेशन के आस-पास के  नवकठवा, भलुवहिया तथा चिकनी गांव के लोगों के अलावा  गणेश महावीर प्लस टू उच्च विद्यालय परिवार काफी चिंतित है। क्योंकि  फ्रेट टर्मिनल से  महज 50 फीट की दूरी पर  उक्त विद्यालय अवस्थित है । हालाँकि यहाँ के व्यवसायी वर्ग में काफी हर्ष है।इस बाबत संवेदक राकेश कुमार ने दूरभाष पर बताया कि हमारा काम केवल मिट्टी भराई एवं तीन रेल लाइन बिछाने का है। जहां तक माल उतरने की बात है तो मुझे नहीं पता है कि यहां पर कौन-कौन सा माल अनलोड होगा ।वहीं रामगढ़वा स्टेशन मास्टर ने भी यहीं  बात कही ।जबकि स्थानीय सांसद संजय जायसवाल ने बताया कि क्लिंकर यहां नहीं उतरेगा ,वह सीधे नेपाल चला जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि  फ्रेट टर्मिनल निर्माण से रामगढ़वा का विकास होगा ,लोगों को रोजगार मिलेगा तथा गाड़ी वाले को भाड़ा मिलेगा । वहीं अगल बगल के नवकठवा,भलुवहिया तथा चिकनी  गांव वासी नागेन्द्र कुशवाहा,राजेश तिवारी ,कैलाश प्रसाद, हिमांशु कुमार हिमकर, नीरज कुमार, राम नरेश पासवान,विनोद कुमार सिंह तथा राजेंद्र प्रसाद आदि लोगों का कहना है कि रामगढ़वा टर्मिनल पर क्लिंकर को छोड़कर बाकी कोई भी सामग्री उत्तरेगा तो उसे हम लोगों को कोई आपत्ति नहीं है।लेकिन यदि इस टर्मिनल पर क्लिंकर उतारा गया तो हम रामगढ़वा वासी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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