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टेक्सटाइल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने कपड़े को जीएसटी से मुक्त करने हेतु डीएम को दिया आवेदन

डीएम को आवेदन सौंपते COC के पदाधिकारीगण 
डी.एन.कुशवाहा (चम्पारण टुडे)
रामगढ़वा-चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शनिवार को जीएसटी कानून से कपड़े को मुक्त करने हेतु डीएम के माध्यम से वित्त मंत्री को आवेदन दिया है। अपने आवेदन के माध्यम से उनलोगों ने बताया है की रोटी के बाद कपड़ा मनुष्य की आवश्यक आवश्यकता में आता है। जिसे सर्व सुलभ एवं सस्ता होना चाहिए। कृषि के बाद कपड़ा भारत के सबसे बड़ा रोजगार का साधन है।जो छोटे-मोटे लाखों कपड़ा कारोबारी एवं उनसे जुड़े लोगों को रोजगार एवं आजीविका का साधन मुहैया कराता है। कपड़ा पर जीएसटी का बहुत बुरा प्रभाव पड़ने वाला है। इसमें कम पढ़े लिखे लोगों की संख्या ज्यादा है। जो डिजिटल भारत के हिसाब से लगभग निरक्षर हैं। वे रजिस्ट्रेशन के लिए अभी इधर से उधर भाग दौड़ कर रहे हैं। कभी इस अकाउनटेंट के पास तो कभी उस CA के पास दौड़ लगा रहे हैं। कहीं 3 हजार रुपये की मांग हो रही है तो कहीं  10 हजार।सरकार के द्वारा जीएसटी को अनगिनत टैक्स के बदले एक टैक्स कहा जा रहा है। लेकिन जीएसटी एक टैक्स के बदले 37 रिटर्न यानी 37 टैक्स है। यह पूरे महीने का टेंशन है और एक आदमी कतई इस व्यापार को नहीं कर पाएगा। इसके अलावा कपड़े के व्यापार में अन्य परेशानियां गिनाते हुए कपड़ा व्यवसाइयों ने सरकार से अपनी निम्नलिखित मांगे मांगी है जो प्रकार है-(1) कपड़े पर से जीएसटी को पूर्ण रूप से हटाने (2) जो भी टैक्स लगाना है एक मुस्त यार्न पर लगाने (3) अन्य सभी व्यापार के लिए इनकम टैक्स की तरह एक सालाना रिटर्न करने साहित अन्य मांगे शामिल हैं। मौके पर टेक्सटाइल चैबर ऑफ कॉमर्स रक्सौल के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता एवं सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य कपड़ा व्यवसाई उपस्थित थे

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