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मोतिहारी:छतौनी किराना व्यवसायी हत्याकांड में पुलिस ने 4 अपराधियो को गिरफ्तार कर किया मामले का खुलासा

बबलू दूबे गैंग की दहशत कायम रखने के लिए की गयी छतौनी में किराना व्यवसायी की हत्या, पुलिस के हत्थे चढ़े चार अपराधियों ने कबूला अपना जुर्म


एसपी जितेन्द्र राणा प्रेस को जानकारी देते हुए

रवि गुुप्ता मोतिहारी (ब्यूरो चीफ) चम्पारण टुडे

मोतिहारी : शहर के छतौनी चौक स्थित मोतिहारी-ढाका रोड में राजू किराना दुकान के मालिक इंद्रजीत प्र.जयसवाल की हत्या बबलू दूबे के मौत के बाद उसके गैंग को एकजुटता बनाये रखने के लिए की गयी थी. इस हत्या का मकसद गैंग के रंगदारी मांगने के धंधे को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए किया गया था ताकि पैसों की कमी गैंग को नहीं हो तथा पूरे गैंग एकजुटता बरकरार रहे. बबलू दुबे के मरने के बाद उसके गैंग की कमान उसके शागिर्द दीपक पासवान ने संभाल रखी है.दीपक के निर्देश पर ही बबलू दूबे का रिश्ते में साला लगने वाले भाष्कर पांडेय व छतौनी के एक दवा दुकानदार पप्पू कुशवाहा ने हत्या की साजिश रथी थी.हत्या की साजिश में करीब सात लोग शामिल थे. जिनमें से चार को पुलिस ने गिरफ्तार करने के साथ ही इस हत्याकांड का उद्भेदन कर लिया है.गौरतलब हो कि 17 जुलाई की रात शहर के छतौनी चौक स्थित मोतिहारी-ढाका रोड के समीप किराना व्यवसायी इंद्रजीत जायसवाल की हत्या एके 47 की गोलियों से भून दिया गया था.मौके पर ही उनकी मौत हो गयी थी.हत्या की गुत्थी को पुलिस ने 4 अपराधियो के गिरफ्तार करने के बाद सुलझा लिया है.बाकी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जारी है.
अपराधियो की गिरफ्तारी के लिए की गयी थी टीम गठित
घटना के बाद पुलिस कप्तान जितेंद्र राणा ने एएसपी पंकज रावत के नेतृत्व में छापामारी व अनुसंधान टीम का गठन कर दिया था.इस टीम में रक्सौल, छतौनी, हरैया, आदापुर, चकिया व नगर थाना के थानाध्यक्ष को रखा गया था. टीम ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान शुरू किया जिसके बाद सबसे पहले छतौनी थाना क्षेत्र के अरूण यादव व प्रकाश शर्मा को हिरासत में लिया गया जिससे पूछताछ में पुलिस ने जब उनके सामने आरोप लगाते हुए सही तथ्य रखा तो दोनों ने हत्या की पूरी कहानी पुलिस के सामने रख दी.जिसके बाद इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने भेलाही से नेपाल भागने के क्रम में भारत नेपाल सींमा से पप्पू कुशवाहा व भाष्कर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया.
बबलू दुबे गैंग की दहशत बरकार रखने के लिए की गई हत्या
गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को बताया कि बेतिया कोर्ट परिसर में बबलू दूबे की हत्या के बाद गैंग की कमान बबलू का शागिर्द  दीपक पासवान अपने पास रखना चाहता था. उसने गिरोह में एकजुटता बनाये रखने तथा दहशत कायम रखने के लिए व्यवसायी की हत्या का प्लान बनाया. इसमें मृतक इंद्रजीत की दुकान के बगल के दवा दुकानदार पपु कुशवाहा ने टारगेट की पहचान कराई. इंद्रजीत का पप्पू के साथ किसी जमीन का विवाद भी चल रहा था जिसका वह बदला लेना चाहता था.
हत्या करने के बाद पुलिस की हर गतिविधि पर भी रखी जा रही थी नजर
एसपी माने तो हत्या के बाद  जब लोगों ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए शव को एनएच पर रख कर जाम लगा दिया तब इस पूरे हंगामें में पप्पू कुशवाहा ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा वह साथ रह कर देखना चाहता था कि पुलिस किस तरह व तरीके से अनुसंधान कर रही है. उसे जैसे ही भनक लगी कि भाष्कर समेत कई अन्य पुलिस की रडार पर आ गए हैं तब वह सतर्क हो गया. रही सही कसर तब पूरी हो गई जब पुलिस ने अरूण यादव व प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया.  इसके बाद ही वह नेपाल भागने  के लिए भेलाही गया। जहां से नेपाल जाते समय पुलिस ने उसे धर दबोचा.
सभी गिरफ्तार अपराधियो का आपराधिक इतिहास रहा है जिसकी जांच की जा रही है.
इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं.दीपक पासवान पर अन्नपूर्णा स्वीट्स से 2008 में रंगदारी मांगने, जायसवाल फर्नीचर से रंगदारी मांगने, डाउरी एक्ट समेत गोपालगंज में बम विष्फोट मामले का आरोपी रहा है. उसके साथ गोपालगंज जेल में अरूण यादव रहा था। इसके अलावे नेपाल में रह कर भाष्कर पांडेय बबलू दूबे के रंगदारी के पैसे का हिसाब रखता था व नेपाल में उस पर कई मामले दर्ज हैं. पप्पू कुशवाहा भी पुराना हिस्ट्रीशीटर रह चुका है.

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