सिकरहना अनुमंडल को शिवहर जिला में मिलाने के सरकारी प्रस्ताव के विरोध में हुआ धरना-प्रदर्शन
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| धरना में शामिल लोगों की भीड़ की तस्वीर |
सिकरहना (ढाका) : सिकरहना अनुमंडल को चंपारण से अलग कर शिवहर जिले में मिलाने के सरकारी प्रस्ताव के विरोध में इस अनुमंडल क्षेत्र के लोगों में उबाल आ गया है। इसी को लेकर 02 मई मंगलवार को ढाका गाँधी चौक पर सिकरहना संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हजारों लोगों ने एक दिवसीय धरना दिया है। इस संघर्ष मोर्चा में इस क्षेत्र के सताधारी एवं सभी विपक्षी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता तथा सभी पंचायत जन प्रतिनिधि शामिल हैं। धरना को सम्बोधित करते हुए सभी वक्ताओ ने बिहार सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि जो सिकरहना की धरती पुरे भारत को आजादी दिलाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाई और चंपारण की पहचान पुरे विश्व में फैलाया उसे ही चंपारण से अलग करने की कोशिश सरकार के लिये सरदर्द बन जाएगा। ढाका कभी भी शिवहर जिले में मिलाने की प्रस्तावना को स्वीकार नहीं करेगा। सरकार सिकरहना को ढाका जिला बनायें अन्यथा यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। कई वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन सिकरहना से लेकर विधानसभा एवं संसद तक चलेगा। वहीं इस अनुमंडल क्षेत्र के पूर्व छात्र नेता मनोज कुमार शर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार सिकरहना को चंपारण की धरती से अलग करने की शिवहर प्रशासन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करें अन्यथा जिस क्षेत्र के लोग क्रुर अंग्रेजी शासन को हटाने के लिये अपनी जान की बाजी लगा दी वह अपनी अस्तित्व को बचाने के लिए भी जान की बाजी लगा सकते हैं।वहीं कई समाजिक संगठन के लोगों ने भी भी सिकरहना अनुमंडल मुख्यालय ढाका को जिला बनाने की मांग की है और कहा है कि कोई भी ताकत सिकरहना को चंपारण से अलग नहीं कर सकता है। जब तक इस अनुमंडल के एक एक व्यक्ति में श्वांस बरकरार रहेगा तब तक सिकरहना चंपारण से अलग नहीं हो सकता है।

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