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51 कन्याओं का सामूहिक विवाह 27 मई को लेकर हुई बैठक

तैयब हसन ताज
मोतिहारी: ( पूर्वी चम्पारण ) चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष मे सामूहिक विवाह-निकाह महायज्ञ  का आयोजन कई मायने में अनोखा होने जा रहा है जिसमे विविन्न रचनात्मक कार्यों के साथ समाज के विविन्न संप्रदाय को एकता के सूत्र में बांधकर “हम एक है” का संदेश दे रहा है। जी हाँ, वास्तव में यह एक महायज्ञ ही है जो दो परिवारों के साथ समाज को एकसूत्र में बांधकर मानवता का संदेश दे रहा है। आज सामूहिक विवाह-निकाह महायज्ञ के कमिटी सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यक्रम के पूरे रूपरेखा पर प्रकाश डाला और इसके सकारात्मक प्रभाव के बारे में विस्तृत रूप से बताया। कमिटी ने सहमति से वर-वधू को मान-सम्मान से वैवाहिक सूत्र में बंधा जाएगा। वर-वधू को आजीवन ईलाज की सुविधा विशेषज्ञ चिकित्सको द्वारा कराया जाएगा जिसकी घोषणा स्वम डॉक्टर द्वारा मंच से किया जाएगा।यह कदम वासत्व में इन दो परिवारों के गरीब वर-वधू के लिए एक वरदान स्वरूप होगा जो इनके जीवन को सुखमय बनाए रखेगा। वही शैक्षणिक संगठनों द्वारा इनके बच्चो के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पढ़ाई हेतु पूरा भर उठाया जा रहा है। यह महायज्ञ सामाजिक समरसता के साथ एक इंसानियत के संरक्षण के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। पूरा देश जहां हिन्दु-मुस्लिम के मुद्दे पर मरने-काटने को तैयार है वही मच्छरगांवा हिन्दी-मुस्लिम एकता को प्रदर्शित कर रहा है। धरातल पर कार्ये करने का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करता यह महायज्ञ 27 को खत्म हो जाएगा जो सैकड़ो परिवार के ज़िंदगी को संभालेगी। वही एक रचनात्मक कार्य में वर-वधू द्वारा 51 किस्म के फलदार का पौधरोपण किया जाएगा और एक “दुल्हन बगीचा” बनाया जाएगा जो इस ऐतिहासिक सामूहिक विवाह-निकाह के स्वर्णिम समय का साक्षी होगी। इस पहल से पर्यावरण के संरक्षण हेतु मानवीय संवेदना को जागृति करने का संदेश प्रसारित करता है। सिर्फ सामूहिक ही नही बल्कि समाज में हो रहे नए विवाहित जोड़ो को पौधरोपण के साथ जीवन को शुभारंभ करे जो ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में एक अहम भूमिका निभाएगी। पटाखो पर प्रतिबंध लगाने के साथ अश्लीलता पर चोट किया जा रहा है और समाज को आदर्श बनाने का पहल किया जा रहा है।साथ में स्वच्छता की परंपरा को विकसित करने हेतु वधू के ससुराल में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है । शौचालय निर्माण का कार्य आरंभ भी हो चुका है। सामूहिक विवाह-निकाह महायज्ञ का आयोजन मच्छरगांवा के चन्द्रगोकुल उच्च मध्य विध्यालय में 27 मई को आयोजित किया जा रहा है जिसके लिए आज वर-वधू के लिए कपड़ा वितरण का कार्यक्रम से शुभारंभ किया गया चुका है।पिछले 6 मई को कपड़ा वितरण में भागीरथ प्रसाद कुशवाहा ने सभी वर-वधू हेतु कपड़ा का योगदान दिया। वही अगली कड़ी में 17 मई को वर के लिए दूल्हा का पोशाक का वितरण किया जाएगा। 
प्रेस-वार्ता को संबोधित करते हुए कमिटी के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बेतहासा बढ़ती महंगाई में गरीब लड़कियों का शादी काफी मुश्किल सा हो गया है। इसके कारण बेमेल शादिया हो रही है जो समाज में विविन्न घटनाओ का वाहक बनते जा रहा है। इसका खामियाजा लड़कियो को भोगना पड़ता है। शादी बच्चो का खेल नही बल्कि आने वाले भविष्य का कल है। शादी के बाद भारत के भविष्य के निर्माण आरंभ होता है और अगर ये भविष्य आज के इस नकारात्मक माहौल में आए तो स्वाभाविक है कि इनके संस्कार भी वैसे ही बनेगे। इसलिए स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण के विकास का नींव डाला जा रहा है। यह शादी सिर्फ एक समारोह अथवा जश्न नही है बल्कि आने वाले जीवन का कल है। 51 लड़कियों का शादी कर हम समाधान नही बल्कि इसके माध्यम से सभ्य समाज के निर्माण हेतु परंपरा को विकसित किया जा रहा है। 
वही कमिटी के सचिव मुन्ना तिवारी ने कहा कि यह सामूहिक विवाह-निकाह महायज्ञ ही असली महायज्ञ है जिसमें भगवान के रूप में मानव की सेवा किया जा रहा है।साक्षात मनुष्य के रूप में देवी-देवताओं का पूजन किया जा रहा है। संरक्षक रामबाबू प्रसाद ने कहा कि यह सामूहिक विवाह-निकाह समाजिकता को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण परिवेश में नकारात्मक माहौल को सकारात्मक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।कन्यादान महादान है जो इस समाज निर्माण मे अहम भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम को संबोधित करने वाले में डॉ. दीपक कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार कुशवाहा, ताराचंद प्रसाद, सुभाषचंद्र सिंह, भूपेंद्र पाण्डेय, किशोर दास, अनिल सिंह, जितन पासवान, अरुण सिंह, तबरेज आलम, लखिन्द्र पासवान, सुभान मियाँ व अभिलाषा भारती, मीडिया प्रभारी मुन्ना कुमार शामिल रहे।

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