Breaking News

बिहार : गुंडाराज-भाई की हत्या का गवाह बनी बहन पर दुबारा जानलेवा हमला, कटघरे में प्रशासन

रोती बिलखती श्वेता
           Ravi Gupta
मोतिहारी : दहशत, खौफ, डर, आतंक... गुंडाराज जैसे शब्द मुम्बइया फिल्मों में तो अच्छे लगते है। लेकिन व्यवहारिक जिन्दगी में जब इसका पाला किसी से पड़ता है। तो सहज अंदाज लगाया जा सकता है। उस पर क्या बीतती होगी? इन दिनों मोतिहारी शहर से सटे तुरकौलिया का रघुनाथपुर मोहल्ला। और क्राइम का हब माने जाने वाले इसी मोहल्ले में रहता है विनोद ठाकुर का परिवार, जो कि इन दिनों दहशत के साए में जी रहा है।

जिले के पहाड़पुर थाना अंतर्गत बनकटवा निवासी श्री ठाकुर का पारिवारिक जीवन आज से महज दो वर्ष पहले बेहद खुशहाली से कट रहा था। दो बेटे व एक बेटी के पिता। तीनों सन्तान पढ़ाई में अव्वल। लेकिन 29 अगस्त, वर्ष 15 की काली रात इनकी खुशहाली पर ग्रहण बनकर आई। जब पटना में पढ़ाई कर रहे इनके छोटे पुत्र सिद्धार्थ राज (13 वर्ष) की हत्या उसके ही दोस्तों ने मोतिहारी स्थित घर पर बुलाकर कर दी।

🔷 *क्या है मामला*

एक षड्यंत्र के तहत फेसबुक मैसेंजर पर चैट कर उसे पटना से बुलाया गया। और घटना की रात गोली मारकर उसके शव को दरवाजे के पास फेंक दिया गया। गुनाह बस इतना था कि पड़ोस की ही एक हम उम्र सहपाठी लड़की से फेसबुक पर चैटिंग किया करता था। जिसके आवेश में इस घटना को अंजाम दिया गया। थाने में दर्ज प्राथमिकी में स्थानीय प्रिंस पांडे, विशाल कुमार दूबे, राजन सहनी, प्रशांत कुमार, राजा कुमार, मणि कुमार समेत छह अभियुक्त बनाया गया।

पिता श्री ठाकुर बताते हैं कि छह में दो आरोपित पकड़े गए। जिसमे मुख्य आरोपित प्रिंस पांडे मानसिक विकलांगता का प्रमाण पत्र लगाकर गिरफ़्तारी के बाद से ही छुट्टा घूम रहा है। जबकि विशाल कुमार दुबे की असामाजिक गतिविधियों के चलते मोतिहारी से मुजफ्फरपुर स्थित रिमांड होम में भेज दिया गया है।

🔷 *चश्मदीद गवाह बहन पर दो-दो बार जानलेवा हमला*

श्वेता कुमारी (19 वर्ष) महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी में स्नातक अंग्रेजी ऑनर्स की छात्रा है। उसका बड़ा भाई प्रिंस राज जेएनयू, दिल्ली से फिजिक्स में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। घटना का मुख्य गवाह बनी श्वेता को पिछले वर्ष बोलेरो से कुचलकर हत्या का प्रयास किया गया। जिसम पीड़िता प्रिंस को बोलेरो ड्राइवर के रूप में चिन्हित किया था। गुंडागर्दी की हद तो तब हो गई जब इसी महीने 4 मार्च को न्यायालय में गवाही होनी थी।

2 मार्च को वह कॉलेज की परीक्षा देने साइकिल से जा रही थी। रास्ते में उसे बाइक पर सवार गुंडों ने जान लेने की नीयत से धक्का मार दिया। इस दौरान वह गिरकर गम्भीर रूप से घायल हो गई। हाथ टूट गया व शरीर में कई जगह चोटें आई। नगर थाने में दर्ज प्रथमिमि में पीड़िता ने बयान देकर राजन सहनी को इस घटना के लिए आरोपित किया। इस घटना के बाद शारीरिक व मानसिक अस्वस्थता के कारण पीड़िता की परीक्षा छूट ही गई। वह गवाही देने भी नहीं जा पाई। पूरा परिवार ही सदमे में है।

🔷 *श्वेता ने पुलिस पर खड़े किए गम्भीर सवाल*

'डीएसपी, एसपी, डीआईजी न्याय के लिए कहां-कहां नहीं भटकी सर। हर जगह से केवल आश्वासन ही मिला लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आप ही बताइए, हम क्या करें कहां जाएं? धमकी मिल रही है यहां से भाग जाओ। केस को उठा लो। वरना पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। शनिवार को आवास पर मिलने आए नारीवादी संगठन के सदस्यों व मीडियाकर्मियों के सामने आपन दुखड़ा सुनाते-सुनाते श्वेता रोने लगती। और बार-बार बेहोश हो जाती।
होश में आने पर भी बदहवासी में बुदबुदाए जा रही थी, डीएसपी पंकज रावत ने केस में लीपा-पोती की है।

🔷 *जज करते हैं पिता व पुत्री को मानसिक रूप से प्रताड़ित*

श्वेता बताती है कि किशोर न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रथम श्रेणी के जज रवि पांडे भी अपने संदिग्ध व्यवहार से मुझे व पिताजी को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते हैं। उनके व्यवहार से साफ-साफ पता चलता है कि वे आरोपित प्रिंस पांडे को बचा रहे हैं। पिता श्री ठाकुर बताते हैं कि ह्रदय रोग की सर्जरी के कारण लंबे समय से अस्वस्थ ही चल रहा हूं।

उस पर केस का झमेला और पुलिस के साथ-साथ जज साहब का बेरुखा व्यवहार। कोर्ट के बाहर ही अभियुक्त केस उठाने की धमकी देने लगते हैं। अब मुश्किल है इस सबसे निपटना। उन्होंने बताया कि अदालत की कार्रवाई की सीडी भी तैयार करवाई है। जिसमें सारी गतिविधियां रिकॉर्ड हैं। देखने पर पता चल जाएगा कि किस कदर बोर्ड के सदस्य अभियुक्तों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

🔷 *न्याय नहीं मिला तो होगा आंदोलन*

सामाजिक कार्यकर्ता ममता वर्मा व रणजीत गिरि ने बताया कि महिलाओं पर जानलेवा हमला, किसी किस्म की प्रताड़ना गम्भीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि यदि 24 घण्टे के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो आठ मार्च को महिला दिवस है। उसी दिन झाड़ू लेकर सैकड़ों महिलाएं विरोध मार्च करेंगी।

🔷 *कहते हैं एसपी व डीएम*

एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि अभियुक्त की जल्द से जल्द गिरफ़्तारी हो। इसको लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। वहीं डीएम अनुपम कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा व दोषियों की गिरफ़्तारी के लिए एसपी व डीआईजी को पत्र लिखा गया है।

कोई टिप्पणी नहीं

Thanks for your valuable feedback.