डॉ नेहा नेमा को विश्वविद्यालय के गेस्ट टीचर से हटाये जाने के विरोध में जिलाधिकारी के समक्ष दिया धरना
राहुल कुमार घोड़ासहन मोतिहारी ।
मोतिहारी: महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नेहा नेमा को विश्वविद्यालय से हटाए जाने के खिलाफ व विकलांग कोटे में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर मीडिया स्टडीज़ विभाग में स्थायी पद बहाल किये जाने के लिए आज जिलाधिकारी कर समक्ष धरना दिया गया. धरना के समर्थन में भाकपा माले के नगर सचिव विष्णु देव यादव, महासंघ गोपगुट के पूर्व राज्याध्यक्ष भाग्यनारायन चौधरी, आईसा के पूर्व जिला सचिव सह इनौस नेता संजीव कुमार एवं एकटू नेता दिनेश प्रसाद कुशवाहा आदि शामिल थे।
धरना को संबोधन में महासंघ गोपगुट के नेता भाग्यनारायन चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति संजीव शर्मा तानाशाह के भूमिका में है, जो किसी जन प्रतिनिधि व सामान्य लोगो से नही मिलते है।उनके द्धारा विरहद पैमाने पर घुस रिस्वत लेकर अयोग्य लोगो को बहाल किया गया है. योग्य लोगो को घुस नही देने के चलते बहाली से अलग कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय में केंद्र के शिक्षा विभाग द्धारा जारी आदेश के तहत महिला रिड्रेसल सेल गठित नही किया गया है। दिब्यांग कोटे एवं आरक्षण के अन्य कोटे के जगहों पर सामान्य वर्ग के अयोग्य लोगो को पैसे व पैरवी के दाम पर बहाली की जाती है. नामांकन में भी ये भेदभाव बरती गई है। विभाग द्धारा आवंटित राशि का बिना कार्य घोटाला गबन कर दिया जा रहा है। इस का उदाहरण डॉक्टर नेहा नेवा है. जो मीडिया विभाग में अनुबंध पर सहायक प्रोफेसर थी.
विश्वविद्यालय में केंद्र के शिक्षा विभाग द्धारा जारी आदेश के तहत महिला रिड्रेसल सेल गठित नही किया गया है। दिब्यांग कोटे एवं आरक्षण के अन्य कोटे के जगहों पर सामान्य वर्ग के अयोग्य लोगो को पैसे व पैरवी के दाम पर बहाली की जाती है. नामांकन में भी ये भेदभाव बरती गई है। विभाग द्धारा आवंटित राशि का बिना कार्य घोटाला गबन कर दिया जा रहा है। इस का उदाहरण डॉक्टर नेहा नेवा है. जो मीडिया विभाग में अनुबंध पर सहायक प्रोफेसर थी.
विश्वविद्यालय में नियुक्ति में रोस्टर का पालन नही किया गया है जो सरकारी आदेश का घोर उलंघन है। इनके द्धरा नगर थाना में केश नंबर 670/19 दर्ज कराया गया है फिर भी पुलिस प्रसाशन मौन है। इनके नियमित नियुक्ति की मांग करते है तथा विश्वविद्यालय में व्याप्त नियुक्ति सहित तमाम भ्रस्टाचार की जाँच तथा आरोपित तमाम लोगो की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते है तथा डॉक्टर नेहा नेवा द्वारा किये जा रहे मांग जायज है। जिला प्रशासन अविलंब इनके मांगो को भारत सरकार को भेजकर सीबीआई जाँच की मांग की है,गोपगुट की तरफ़ से राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, अनुसूचितजाति जनजाति आयोग को तमाम तथ्यों को लेकर जल्द ही एक पत्र विधिवत करवाई के लिए भेजा जायेगा, ताकि डाक्टर नेहा नेवा को न्याय मिल सके।।

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