मुकाम तक पहुंचने में संघर्ष मय जीवन रहा रणविजय का
पन्नालाल की रिपोर्ट ।
औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखण्ड स्थित एक छोटे से गाँव विशुनपुरा के रहने वाले राव रणविजय सिंह का जन्म 13 सितंबर 1988 में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ.. इनकी पारम्भिक शिक्षा ओबरा में हुई. दिल्ली में सूचना एवं तकनीकी में स्नातक करने के बाद इनका रुख अभिनय की तरफ हुआ.वर्ष 2009 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल मे रंगमंच से जुड़े.अभिनय मे लगभग दो वर्ष का परीक्षण प्राप्त किया. सन 2011 में प्रसिद्ध टीवी निर्माता एकता कपूर के प्रथम भोजपुरी धारावाहिक सेनूर मांग टिकुली में राव रणविजय को पहला ब्रेक मिला.. महुआ चैनल पर प्रसारित इस धारावाहिक मे एक सशक्त किरदार निभाते हुए आज रणविजय पिछले छः वर्षो मे 20 से भी ज़्यादा टीवी शोज मे लगभग एक हज़ार से भी ज़्यादा एपिसोड में अभिनय कर चूके हैं. सफ़र रणविजय के लिए बहुत ही संघर्ष मय रहा है।एक मध्यम किसान परिवार से निकल कर मायानगरी में बिना कोई गॉड फादर व् बिना कोई बैकग्राउंड के जगह बना पाना ही सबसे बड़ी बात होती है जो राव रणविजय ने अपनी मेहनत व् प्रतिभा से कर दिखाया जो आज के गाँव के हज़ारो नवजवानों के लिए एक प्रेरणा है !
अपने गाँव से लगभग दो हज़ार किलोमीटर दूर रहते हुए भी राव रणविजय का लगाव अपने गाँव,अपने समाज, अपनी मिट्टी व् अपने बिहार से काफी है, जो इनके द्वारा किये जा रहे कार्यो में दिखता है !
राव रणविजय बिहार के अलग अलग ज़िलों पर भी फ़िल्म बना रहे हैं जिसके माध्यम से उस ज़िले की छुपी संस्कृति, इतिहास, कला, पर्यटन स्थल व् धार्मिक स्थलों को फ़िल्म के माध्यम से लोगों तक पहुँचायी जाये और ज़्यादा से ज़्यादा लोग उसके बारे में जान सकें !राव रणविजय ने अब तक बिहार के दो ज़िलों पर डॉक्यूमेंट्री बना चूके हैं 1.औरंगाबाद (एक सुखद यात्रा औरंगाबाद ) और 2.सारण (एक सुखद यात्रा सारण )..एक सुखद यात्रा सारण के निर्माता अपने छपरा शहर के जाने माने चिकित्सक व् सामजसेवी डॉ. अनिल कुमार जी है. दोनों डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म को लोगों के द्वारा काफी पसंद की गयी . इन दोनों फ़िल्म को यूट्यूब पर भी देखा जा सकता हैं !हाल ही में राव रणविजय ने एक शैक्षणिक फ़िल्म मास्टर साहब बनाया..इस फ़िल्म को भारत सरकार के द्वारा सम्मानित भी किया जा चूका है.इस फ़िल्म को अलग अलग फ़िल्म फेस्टिवल्स में 3 अवार्ड भी मिल चूका है.
अपने मुंबई के व्यस्त जीवन में से राव रणविजय हर वर्ष कुछ समय अपने बिहार को देते हैं और वहां के अलग अलग मुद्दों व् विषयों पर डॉक्यूमेंट्री और टेलीफिल्म बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से उसे राष्ट्रीय व् अंतराष्ट्रीय पटल पर ले जाने का एक भरसक प्रयास कर रहे हैं..राव रणविजय आगे भी अपने बिहार के लिए फ़िल्म के माध्यम से कुछ न कुछ करते रहेंगे ऐसा इनसे उम्मीद करते है !!



कोई टिप्पणी नहीं
Thanks for your valuable feedback.