जिला परिषद पूर्वी चम्पारण में अध्यक्ष / उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास की 14/7/18 की विशेष बैठक स्थगित करने से मा. उच्च न्यायालय का इन्कार
चम्पारण टुडे, न्यूज़ डेस्क।
-> ममता राय गुट सहित दूसरे गुट को झटका
-> जिप. अध्यक्ष प्रियंका जायसवाल का दावा बेहतर काम एवं व्यवहार कुशलता के बल पर विशेष बैठक में 55 में 55 सदस्यों का समर्थन हासिल करने का हर संभव करेंगे प्रयास।
-> जिला प्रशासन ने विशेष बैठक की सारी तैयारी की पूरी,सुरक्षा के साथ विधि व्यवस्था का चाक चौबंद तैयारी,परिन्दा भी पर नहीं मार सकेंगे।
-> जिलाधिकारी रमण कुमार करेंगे बैठक की अध्यक्षता
जिला परिषद पूर्वी चम्पारण के अध्यक्ष / उपाध्यक्ष के विरुद्ध 16 सदस्यों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को पूर्व नियोजित तथा साजिश बताते हुए माननीय उच्च न्यायालय,पटना में ममता राय सदस्य जिला परिषद अरेराज-9 द्वारा दायर CWJC 13344/2018 में अधिवक्ता श्री मंगलम द्वारा मा.न्यायाधीश श्री शिवाजी पाण्डेय के न्यायालय में विशेष अनुरोध कर लोकतंत्र की हत्या बताते हुए विशेष बैठक की तिथि 14/07/18 को स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। जिस पर मा.उच्च न्यायालय द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया गया। इस प्रकार मा.उच्च न्यायालय से ममता राय गुट को दूसरा झटका लगा।
विदित हो कि 57 सदस्यीय पूर्वी चम्पारण जिला परिषद के चुनाव में दो वर्ष पूर्व 30 मत प्राप्त कर प्रियंका जायसवाल अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी तथा 25 मत प्राप्त कर ममता राय 5 मतो से पराजित हुई थी।एक मत बोगस तथा एक सदस्य अनुपस्थित रह गई थी।
जैसा कि पंचायती राज अधिनियम के अनुसार दो वर्ष पूरा होने पर अध्यक्ष / उपाध्यक्ष पर अविश्वास लाया जा सकता हैं।
विश्वसनीय सूत्रों से ज्ञात हुआ कि ममता राय ने बड़ी तत्परता दिखाते हुए 16 सदस्यों के हस्ताक्षर से 03/07/18 को अध्यक्ष / उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक हेतु प्रियंका जायसवाल अध्यक्ष को आवेदन दिलवाया। जिस पर अध्यक्ष द्वारा तत्क्षण उसी समय 14/07/18 की तिथि निर्धारित करते हुए बैठक की सूचना निर्गत करने का निर्देश मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया।माननीय सदस्यों द्वारा अविश्वास की एक प्रति जिलाधिकारी कार्यालय को 04/7/18 को उपलब्ध कराया गया। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा सभी सदस्यों के साथ जिलाधिकारी को सूचना हस्तगत कराया गया।
इसी बीच अध्यक्ष प्रियंका जायसवाल के पति पूर्व विधायक पवन जायसवाल के चाणक्य नीति एवं कूटनीति के तहत बड़ी मात दी तथा विरोधी गुट के सदस्यों ने ममता राय को दर किनार करते हुए दूसरे सदस्य को अध्यक्ष / उपाध्यक्ष के लिए आगे कर दिया।एकाएक 16 सदस्यों से मिले झटका से ममता राय कमजोर पड़ गई तथा आमने-सामने की लड़ाई अब त्रिकोणात्मक होती चली गई। अपना पक्ष कमजोर देखते हुए ममता राय ने सचिव / निदेशक पंचायती राज को दिनांक 04/07/18 एवं 06/07/18 को आवेदन देकर विशेष बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया पर वहाँ से भी निराशा हाथ लगी।
इधर ममता राय ने हताश, निराश एवं परेशान होकर एक नया प्रयास किया तथा 09/07/18 को मा. उच्च न्यायालय में CWJC 13344/2018 दायर करते हुए 14/07/18 कि विशेष बैठक को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए अध्यक्ष पति पूर्व विधायक पवन जायसवाल पर 45 पार्षदों को अपहरण कर गोवा ले जाने का आरोप लगाया हैं।
उधर अविश्वास लगाने वाले तीसरे गुट भी अब ममता राय गुट से अलग होने के बाद बहुमत से दूर नजर आ रहा हैं।
अब ऐसी संभावना जाहिर की जा रही हैं कि अध्यक्ष पति द्वारा तैयार चाणक्य नीति तथा विरोधी गुट में फूट डालकर अविश्वास को विश्वास में बदलने की तैयारी सफल होता दिख रहा हैं।
दोनों विरोधी गुट के दर्जनों पार्षदों ने बताया कि विपक्ष में तालमेल का अभाव तथा ममता राय के अध्यक्ष पद हेतु दावेदारी की जिद्द के कारण हमलोगों को अविश्वास पारित कराने से कोसो दूर होना पड़ रहा हैं।अगर वो त्याग दिखाती तथा दूसरे नाम पर सहमति दिखाती तो अध्यक्ष / उपाध्यक्ष को अपदस्थ कराना सुनिश्चित होता।
विरोधी गुट ने अधिकांश पार्षद 14/07/18 की विशेष बैठक में हार के फजीहत से ज्यादा अच्छा बैठक में अनुपस्थित रहना ही समझ रहे हैं तथा ऐसी संभावना हैं कि दर्जनों सदस्य बैठक से अनुपस्थित रहे।
जैसे भी हो पूर्व विधायक पवन जायसवाल ने चम्पारण में तेज-तर्रार नेता राजनीतिक जोड़-तोड़ में महारथ हासिल करते हुए अपनी पत्नी प्रियंका जायसवाल को अध्यक्ष तथा कमलेश्वर सिंह को उपाध्यक्ष बनाए रखने में सफल होता दिख रहे हैं परंतु राजनीति में अंत तक कुछ भी कहना मुश्किल हैं।


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