डा. स्वयंभू शलभ की पाँचवी किताब 'कोई एक आशियाँ' विश्व स्तरीय प्रकाशन से प्रकाशित
डी.एन.कुशवाहा, रामगढ़वा।
एडुक्रिएशन पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित डा. स्वयंभू शलभ की पाँचवी किताब 'कोई एक आशियाँ' को एमेजॉन, गूगल बुक्स और बुक्स कैमेल ने ईबुक और पेपरबैक दोनों रूप में विश्वभर के पाठकों के लिए उपलब्ध करा दिया है।
इस मौके पर डा. शलभ ने प्रकाशक एवं वितरक के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए इस किताब का लिंक सोशल मीडिया में जारी किया।
यह किताब पद्मभूषण डा. हरिवंश राय बच्चन को समर्पित की गई है जो डा. शलभ के साहित्यिक जीवन के मार्गदर्शक रहे। इस किताब की भूमिका राहुल सांकृत्यायन (लखनऊ) ने लिखी है। देश भर के कई रचनाकारों ने इस किताब के प्रति अपनी अभ्युक्ति दी है।
यह किताब दरअसल डा. शलभ की चार कहानियों का संग्रह है। इन कहानियों में जो अनोखापन है वह है प्रेम के भिन्न भिन्न रूपों का यथार्थ वर्णन। यह जानना आश्चर्यजनक है कि पुरुष के ह्रदय में भी प्रेम के अलग अलग रूप हो सकते हैं और इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक यह है कि एक ही व्यक्ति प्रेम के इतने स्वरूपों का इतना सजीव वर्णन कर सकता है।
दरअसल डा. स्वयंभू शलभ के व्यक्तित्व में विज्ञान और साहित्य का अद्भुत समन्वय है। गीत, गजल, कविता, कहानी, पटकथा, संस्मरण… साहित्य की विविध विधाओं में अपनी अभिव्यक्ति देनेवाले डा. शलभ ने साहित्य की एक अनोखी दुनिया सृजित की है। प्राणों के साज पर (1982), अंतर्बोध (1983), अनुभूति दंश (साठ गजलों का संग्रह) (1984) एवं श्रृंखला के खंड (1985) उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं।
डा. शलभ ने बताया कि पुस्तक के रूप में 'डा. बच्चन के पत्र डा. शलभ के नाम' (पत्र संग्रह) और 'ठहर जाओ दो घड़ी' (गजल संग्रह) उनकी अगली प्रस्तुति होगी।


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