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मोतिहारी:जिलाधिकारी रमण कुमार द्वारा लोहिया स्वछता चम्पारण पद यात्रा पहुंचा केसरिया

*जिलाधिकारी रमन कुमार द्वारा लोहिया स्वछता चम्पारण पद यात्रा पहुंचा केसरिया*
रवि गुप्ता, मोतिहारी
मोतिहारी :- जिलाधिकारी रमण कुमार द्वारा लोहिया स्वच्छता चंपारण पदयात्रा मिशन के अन्तर्गत खुले में शौच से मुक्ति दिलाने को लेकर चन्द्रहिंया से चलकर सोमवार को केसरिया प्रखंड के रामपुर खजूरिया, हूसेनी, खिजीरपूरा, नयागांव,के रास्ते होते हुए पिताम्बर चौक के रास्ते विश्व सुप्रसिद्ध बौद्ध स्तूप पहूंचें। जहां विधायक डा0 राजेश कुमार कुशवाहा प्रखंड प्रमुख राकेश सिंह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा0 प्रमेश्वर ओझा,मुखिया संघ के अध्यक्ष बच्चू लाल यादव मुखिया विरेन्द्र कुमार यादव,सरफराज आलम खां उर्फ मून्ना खां,डा0 बीके राय,बीडीओ अमरेंद्र कुमार, सिओ नरेन्द्र कुमार सहित सभी
केसरिया पहुंचे डीएम रमण कुमार
पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों नें जिलाधिकारी रमण कुमार के अगुवाई में लगे थें।वहीं युवा जदयू के सेवादल प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव वशील अहमद खां के नेतृत्व में स्थानीय पताम्बर चौक पर जदयू जिला उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार सिंह व बृजबिहारी पटेल प्रखंड अध्यक्ष चून्नू सिंह समेत जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी को फूल-माला व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।जबकि विविध कला के अध्यक्ष रंजन कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य भारत स्वच्छ भारत के तत्वाधान में नयागांव चौक के समीप एक नूक्कड़ नाटक आयोजित कर लोगों को जागरूक करनें पर बल दिया गया।वहीं लोगों नें जगह-जगह फुल माला पहना कर भव्य स्वागत किया।गौरतलब हो कि जिलाधिकारी के आने खबर सून कर सोमवार कि सुबह से हीं वैशाली-अरेराज मार्ग में रामपुर खजुरिया से केसरिया बौद्ध स्तुप तक सड़क के किनारे महिलाओं कि भीड़ जूटनें लगी।वहीं जिलाधिकारी के पैरों में पड़े छाले कि सुचना पर लोग
पदयात्रा करते डीएम रमण कुमार
एकाएक भावुक हो गये।जगह-जगह यह चर्चा आम हो गई कि दूसरे गांधी के रुप में जिलाधिकारी रमण कुमार केसरिया की सरजमीं पर पांव रखें हैं,अब लगता है कि इस प्रखंड में कुछ नया काम होगा।विदित हो कि बौद्ध स्तूप पर जिलाधिकारी द्वारा चलाये जा रहे लोहिया स्वछता चम्पारण पद यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि इसी चम्पारण कि धरती से गांधीजी ने सत्याग्रह आंदोलन शुरुआत कर पूरे देश को आजादी दिलाने का काम किया था।उन्होंने चम्पारण कि धरती को नमन करते हुए कहा कि चम्पारण कि वह धरती है जहां से आंदोलन कि शुरुआत होती है वह आंदोलन सफल भी होता है। वहीं युवाओं को अपने संबोधन में अपील किया के वें अपने परिवार में शौचालय का निर्माण आवश्य करायें।जिससे गांधीजी के अधुरा सपना साकार हो सके।इस मौके पर

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