घोड़ासहन:धरना के चौथे दिन भी डटे रहे पांचो कॉलेज कर्मी लेकिन अबतक कॉलेज प्रशासन ने नही ली इनकी कोई सुधि
धरना के चौथे दिन भी डटे रहे पांचो कॉलेज कर्मी लेकिन अबतक कॉलेज प्रशासन ने नही ली इनकी कोई सुधि.
चम्पारण टुडे घोड़ासहन
घोड़ासहन:मंगलवार को धरना के चौथे दिन भी डटे रहे पांचो कॉलेज कर्मी लेकिन अबतक कॉलेज प्रशासन ने नही ली इनकी कोई सुधि यहाँ बताते चले की अपनी लंबी अवधि के बकाया वेतन भुगतान मामले को लेकर कॉलेज प्रचार्य के विरुद्ध शनिवार को पांच शिक्ष्केतर कर्मी ने मोर्चा खोल कॉलेज गेट पर तला बंदी कर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए थे.मामला जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल कॉलेज घोड़ासहन की है जहाँ धरनार्थियों में शामिल दिलीप कुमार,शम्भु नाथ सिंह,बैधनाथ कुमार,अवधेश प्रसाद सिंह तथा दिनेश तिवारी आदि द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर युक्त आवेदन कुलपति,कुलाधिपति,कुलसचिवको देते बताया था की हम पांचो कर्मी 1980 से इस महाविध्यालय में कार्यरत है तथा विश्वविद्यालय के पत्रांक 3/135 दिनांक 21 जनवरी 2012 को सेवा समंजन हुआ जिसके आलोक में मार्च 2012 को दो माह का वेतन भुगतान भी किया गया था लेकिन मार्च 2012 से अब तक का वेतन का भुगतान कॉलेज प्रशासन के द्वारा नही किया जा सका जबकि पुनः नवम्बर 2016 से अगस्त 2017 की वेतन राशि विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज को भेज दी गई है लेकिन कॉलेज के प्रचार्य बिरेन्द्र
प्रसाद सिंह के बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण भुगतान नही हो रहा है.कर्मियो ने यह भी आरोप लगया की प्रचार्य श्री सिंह साल में सिर्फ दो बार 15 अगस्त तथा 26 जनवरी को ही कॉलेज में दिखाई देते है.आवेदन में प्रचार्य द्वारा प्रत्येक कर्मी से पचास-पचास हजार रूपये रिश्वत मांगे जाने का भी आरोप लगया गया है.इधर आवेदन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी सिकरहना,प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा थानाध्यक्ष घोड़ासहन को भी दी गयी थी.
![]() |
| धरना पर बैठे पांचो कालेजकर्मी के साथ पूर्व जिलापार्षद रामबाबु प्रसाद |
घोड़ासहन:मंगलवार को धरना के चौथे दिन भी डटे रहे पांचो कॉलेज कर्मी लेकिन अबतक कॉलेज प्रशासन ने नही ली इनकी कोई सुधि यहाँ बताते चले की अपनी लंबी अवधि के बकाया वेतन भुगतान मामले को लेकर कॉलेज प्रचार्य के विरुद्ध शनिवार को पांच शिक्ष्केतर कर्मी ने मोर्चा खोल कॉलेज गेट पर तला बंदी कर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए थे.मामला जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल कॉलेज घोड़ासहन की है जहाँ धरनार्थियों में शामिल दिलीप कुमार,शम्भु नाथ सिंह,बैधनाथ कुमार,अवधेश प्रसाद सिंह तथा दिनेश तिवारी आदि द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर युक्त आवेदन कुलपति,कुलाधिपति,कुलसचिवको देते बताया था की हम पांचो कर्मी 1980 से इस महाविध्यालय में कार्यरत है तथा विश्वविद्यालय के पत्रांक 3/135 दिनांक 21 जनवरी 2012 को सेवा समंजन हुआ जिसके आलोक में मार्च 2012 को दो माह का वेतन भुगतान भी किया गया था लेकिन मार्च 2012 से अब तक का वेतन का भुगतान कॉलेज प्रशासन के द्वारा नही किया जा सका जबकि पुनः नवम्बर 2016 से अगस्त 2017 की वेतन राशि विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज को भेज दी गई है लेकिन कॉलेज के प्रचार्य बिरेन्द्र
प्रसाद सिंह के बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण भुगतान नही हो रहा है.कर्मियो ने यह भी आरोप लगया की प्रचार्य श्री सिंह साल में सिर्फ दो बार 15 अगस्त तथा 26 जनवरी को ही कॉलेज में दिखाई देते है.आवेदन में प्रचार्य द्वारा प्रत्येक कर्मी से पचास-पचास हजार रूपये रिश्वत मांगे जाने का भी आरोप लगया गया है.इधर आवेदन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी सिकरहना,प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा थानाध्यक्ष घोड़ासहन को भी दी गयी थी.

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks for your valuable feedback.