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पूर्वी चम्पारण:पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात शातिर राणा सिंह,कई मामलों का हुआ खुलासा

गिरफ्तार राणा सिंह की तस्वीर
रवि गुप्ता मोतिहारी 
मोतिहारी : पुलिस के हत्थे चढ़े पकड़ीदयाल थानाक्षेत्र के थरबिटिया निवासी शातिर राणा सिंह की गिरफ्तारी के बाद जहां एक ओर पुलिस ने राहत की सांस ली है। वहीं दूसरी ओर राणा द्वारा लगातार की जा रही लोगों की हत्या पर भी विराम लगने की उम्मीद है।गिरफ्तारी शनिवार की शाम बेतिया पुलिस व मोतिहारी पुलिस द्वारा हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मुरारपुर गांव के पास से हुई थी.फिलहाल उसे बेतिया पुलिस ने वहां की कोर्ट में हुई शातिर बदमाश बबलू दुबे हत्याकांड में जेल भेजा है। अब मोतिहारी पुलिस उसे रिमांड पर लेकर यहां दर्ज मामलों में पूछताछ करेगी। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा ने इस सिलसिले में पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि राणा ने आजाद हिन्द नामक एक संस्था की स्थापना कर अपराध का जाल पूरे उत्तर बिहार में फैलाया था। लगातार व्यवसायी व अन्य लोगों से गिरोह के लोग रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी नहीं मिलने गोली राणा चलाता था और चलवाता था। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को एकत्र कर रही है।
पहली बार टाटा मोटर्स से मांगी थी रंगदारी
पुलिस के अनुसार राणा ने पहली बार 26 अक्टूबर 2013 को मुफस्सिल थानाक्षेत्र स्थित टाटा मोटर्स से रंगदारी की मांगी थी। उस समय राणा 1000 नाम बताया था। उस समय उसकी गिरफ्तारी शहर के श्रीकृष्णनगर मोहल्ला से उसके भाई के साथ की गई थी। मामले में दोनो भाई जेल भी गए थे। लेकिन, जमानत पर बाहर आए। फिर शहर के अगरवा मोहल्ला में दिसम्बर 2016 में शिक्षक गंगाधर मिश्रा की हत्या की थी। मामले में राणा को पुलिस ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद छोड दिया गया था। इसके बाद राणा ने आजाद ¨हद फौज का गठन किया व उतर बिहार में अपना साम्राज्य कायम किया। पूरे उत्तर बिहार में उसके गिरोह में दो दर्जन से ज्यादा सदस्य हैं। राणा ने पंचायत चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर मतदान कर्मी के साथ मारपीट व गोलीबारी भी की थी।
थरबिटिया पंचायत के मुखिया माधव सहनी पर किया था हमला, एक की गई थी जान
पंचायत चुनाव में थरबिटिया पंचायत क मुखिया के तौर पर माधव सहनी का निर्वाचन होने के बाद उसने मुखिया पर पकड़ीदयाल के रामबन के पास 20 जुलाई 2016 को फायरिंग की। जिसमें मुखिया की जान तो बच गई। लेकिन, उनके सहयोगी अमिताभ सहनी की मौत हो गई थी।
26 अगस्त 2016 को सिरहा में चार लोगों की हत्या में था शामिल
26 अगस्त 2016 को पकड़ीदयाल के सिरहां में भिखारी सहनी समेत चार लोगों की हत्या मामले में भ पुलिस राणा के शामिल होने की बात बता रही है। बताया गया है कि उस दिन राणा अपने अन्य साथियों के साथ भिखारी सहनी के दरवाजे पर धमका था और भिखारी सहनी, उनकी पत्नी चंपा देवी, पौत्र आर्यन और उनके साथी राजकिशोर प्रसाद को मौत के घाट दिया था।
18 जनवरी 2017 को पकड़ीदयाल में मारे गए थे उप मुख्य पार्षद समेत तीन
18 जनवरी 2017 को पकड़ीदयाल स्थित जायसवाल ट्रेडर्स पर अंधाधुंध फाय¨रग कर यहां के गल्ला व्यवसायी च मन कुमार जायसवाल, नप के उप मुख्य पार्षद मनोज कुमार व मजदूर सुबोध पासवान की हत्या कर दी थी। इसके बाद पकड़ीदयाल के तीन व्यवसायी चिरकुट प्रसाद ,विनय कुमार व व बिनोद कुमार से तीस-तीस लाख की रंगदारी दो फरवरी 2017 को मांगी थी। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में अंजनी ठाकुर के साथ मिलकर एक संवेदक की हत्या कर दी थी।
उत्तर बिहार के इन जिलों में है नेटर्वक
पुलिस द्वारा की गई पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि राणा का नेटवर्क उतर बिहार के मुजफ्फरपुर , शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण व पश्चिमी चंपारण जिला में अपना नेटर्वक तैयार कर दो दर्जन लोगों को गिरोह शामिल किया था। अब पुलिस राणा की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के शेष सदस्यों की गिरफ्तारी में लगी है।
एएसपी व पकडीदयाल थानाध्यक्ष ने की पूछताछ
शातिर राणा की गिरफ्तारी के बाद पकड़ीदयाल के एएसपी विजय कुमार व पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार ने बेतिया पहुंचकर उससे आवश्यक पूछताछ की। इस दौरान उससे कई तथ्यों की जानकारी मिली है। जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी
शातिर बदमाश की गिरफ्तारी के लिए मोतिहारी व बेतिया जिला के पुलिस अधिकारियों की टीम लगी थी। टीम में छतौनी थानाध्यक्ष विजय कुमार यादव, चकिया के संजय कुमार सिंह, चिरंजीवी व बेतिया के विमलेंदु कुमार के अवाला दोनों जिलों के कई पुलिस अधिकारी शामिल थे।
रंगदारी मांगना था मुख्य पेशा
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान राणा ने खुलासा किया है कि रंगदारी मांगना उसका मुख्य पेशा था। एक बार किसी से रंगदारी मांगता था। नहीं देने पर हत्या भी करता था। गिरोह में एक एके 47 व पांच पिस्टल है।

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