एनआइए ने गृह मंत्रालय को भेजी घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की जांच रिपोर्ट
पहले चरण की रिपोर्ट में दोषी पाये गये सभी संदिग्ध
रक्सौल के बाद घोड़ासहन व ढाका में पड़ताल जारी
सीमावर्ती 10 गांवों की वोटर लिस्ट खंगाल रही टीम
दिलीप कुमार गुप्ता
मोतिहारी : घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की जांच कर रही एनआइए की टीम ने रिमांड पर लिये गये चार संदिग्धों को कड़ी पूछताछ के बाद शनिवार को न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया.पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर घोड़ासहन रेलवे ट्रैक पर आइइडी प्लांट करनेवाले उमाशंकर पटेल,रंजय साह, गजेंद्र शर्मा व राकेश यादव को एनआइए की टीम ने 25 फरवरी तक रिमांड लिया था. रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया.बेउर जेल के हाइ स्क्यूरिटी वार्ड में गिरफ्तार सभी संदिग्धों को रखा गया है. बताया जाता है कि संदिग्धों से पूछताछ में एनआइए की टीम को घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड में आइएसआइ कनेक्शन के सबूत मिले हैं. इसके आधार पर एनआइए ने फस्ट फेज की अपनी अनुसंधान रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजा दी है. सूत्रों पर विश्वास करें, तो एनआइए के अनुसंधान में गिरफ्तार सभी संदिग्ध घोड़ासहन रेलकांड में दोषी पाये गये हैं. कानपुर रेल हादसे में उनके कनेक्शन की जांच के साथ सबूत इकठ्ठे किये जा रहे हैं. संदिग्धों के स्वीकारोक्ति बयान में ढाका सहित सीमावर्ती क्षेत्र के करीब एक दर्जन लोग एनआइए के रडार पर हैं, जिसके लिए ढाका के बड़हरवा सिवन, चंदनबारा सहित झारोख, घोड़ासहन, आदापुर व रक्सौल के 10 गांवों की वोटर लिस्ट एनआइए ने खंगालना शुरू कर दिया है.
छह संदिग्ध बेउर व दो मोतिहारी जेल में एवं पाँच नेपाल जेल में बंद है.
घोड़ासहन व कानपुर रेल हादसे में नेपाल में पांच व मोतिहारी में आठ संदिग्ध अबतक पकड़े जा चुके हैं. आदापुर के उमांशकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, राकेश यादव, गजेंद्र पासवान व रंजय यादव को बेउर जेल में रखा गया है,जबकि छौरादानों के सुरज व दीपू को मोतिहारी केंद्रीय कारा में रखा गया है. वहीं नेपाल पुलिस की कस्टडी में आइएसआइ एजेंट शमसुल होदा, ब्रजकिशोर गिरि, मोजाहीर अंसारी, आशिष सिंह व उमेश कुर्मी है.
रक्सौल के बाद घोड़ासहन व ढाका में पड़ताल जारी
सीमावर्ती 10 गांवों की वोटर लिस्ट खंगाल रही टीम
दिलीप कुमार गुप्ता
मोतिहारी : घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड की जांच कर रही एनआइए की टीम ने रिमांड पर लिये गये चार संदिग्धों को कड़ी पूछताछ के बाद शनिवार को न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया.पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर घोड़ासहन रेलवे ट्रैक पर आइइडी प्लांट करनेवाले उमाशंकर पटेल,रंजय साह, गजेंद्र शर्मा व राकेश यादव को एनआइए की टीम ने 25 फरवरी तक रिमांड लिया था. रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया.बेउर जेल के हाइ स्क्यूरिटी वार्ड में गिरफ्तार सभी संदिग्धों को रखा गया है. बताया जाता है कि संदिग्धों से पूछताछ में एनआइए की टीम को घोड़ासहन व कानपुर रेलकांड में आइएसआइ कनेक्शन के सबूत मिले हैं. इसके आधार पर एनआइए ने फस्ट फेज की अपनी अनुसंधान रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजा दी है. सूत्रों पर विश्वास करें, तो एनआइए के अनुसंधान में गिरफ्तार सभी संदिग्ध घोड़ासहन रेलकांड में दोषी पाये गये हैं. कानपुर रेल हादसे में उनके कनेक्शन की जांच के साथ सबूत इकठ्ठे किये जा रहे हैं. संदिग्धों के स्वीकारोक्ति बयान में ढाका सहित सीमावर्ती क्षेत्र के करीब एक दर्जन लोग एनआइए के रडार पर हैं, जिसके लिए ढाका के बड़हरवा सिवन, चंदनबारा सहित झारोख, घोड़ासहन, आदापुर व रक्सौल के 10 गांवों की वोटर लिस्ट एनआइए ने खंगालना शुरू कर दिया है.
छह संदिग्ध बेउर व दो मोतिहारी जेल में एवं पाँच नेपाल जेल में बंद है.
घोड़ासहन व कानपुर रेल हादसे में नेपाल में पांच व मोतिहारी में आठ संदिग्ध अबतक पकड़े जा चुके हैं. आदापुर के उमांशकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, राकेश यादव, गजेंद्र पासवान व रंजय यादव को बेउर जेल में रखा गया है,जबकि छौरादानों के सुरज व दीपू को मोतिहारी केंद्रीय कारा में रखा गया है. वहीं नेपाल पुलिस की कस्टडी में आइएसआइ एजेंट शमसुल होदा, ब्रजकिशोर गिरि, मोजाहीर अंसारी, आशिष सिंह व उमेश कुर्मी है.

कोई टिप्पणी नहीं
Thanks for your valuable feedback.